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<title>www.ujjwalpradesh.in</title>
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<title><![CDATA[ इंस्टाग्राम पर प्रीमियम फीचर्स के साथ 'Instagram Plus की टेस्टिंग, पेड सर्विस का रास्ता तैयार]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/instagram-is-testing-instagram-plus-with-premium-features-paving-the-way-for-a-paid-service-0001493258/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 10:11:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[नई दिल्ली
&nbsp;ऐसा लग रहा है कि Instagram एक नए पेड सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका नाम Instagram Plus है। इसमें Stories पर फोकस करते हुए कुछ प्रीमियम फीचर्स...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_197.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;ऐसा लग रहा है कि Instagram एक नए पेड सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका नाम Instagram Plus है। इसमें Stories पर फोकस करते हुए कुछ प्रीमियम फीचर्स मिल सकते हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें Stories की ऑडियंस को मैनेज करने, रीवॉच इनसाइट्स को ट्रैक करने और Instagram Stories की समय सीमा को 24 घंटे से ज्यादा बढ़ाने जैसे टूल्स शामिल हो सकते हैं। यूजर्स को नए इंटरैक्शन के जरिए अपनी Stories की विजिबिलिटी और एंगेजमेंट बढ़ाने के ऑप्शन भी मिल सकते हैं। ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है, जिससे पता चलता है कि Instagram अपने प्लेटफॉर्म पर पेड फीचर्स एड करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।</p>

<p><br />
<strong>Instagram Plus की टेस्टिं</strong>ग</p>

<p>सोशल मीडिया कंसल्टेंट Matt Navarra के Threads पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, Instagram Plus, Snapchat Plus जैसा ही होगा और इसमें यूजर्स के लिए कुछ खास फीचर्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस नए फीचर की टेस्टिंग अभी फिलीपींस में की जा रही है, जिसकी कीमत PHP 65 (लगभग 100 रुपये) प्रति महीना है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ये भी दिख रहा है कि सब्सक्रिप्शन अपने आप रिन्यू होने से पहले एक महीने का फ्री ट्रायल भी मिलेगा।</p>

<p><strong>Stories फीचर पर रहेगा फोकस</strong></p>

<p>शेयर की गई इमेज के आधार पर, ऐसा लगता है कि Instagram Plus मुख्य रूप से इस सोशल मीडिया साइट के Stories फीचर पर ही फोकस कर रहा है। यूजर्स अपनी Stories को लोगों के अलग-अलग ग्रुप के साथ शेयर कर पाएंगे और ये देख पाएंगे कि उनकी Stories को कितनी बार दोबारा देखा गया है। वे Stories देखने वालों की लिस्ट में से किसी को भी सर्च कर पाएंगे और Story पोस्ट करने से पहले उसका प्रीव्यू भी देख पाएंगे।</p>

<p><strong>कुछ देशों में चल रही टेस्टिंग</strong></p>

<p>Navarra का ये भी दावा है कि Instagram ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि वह इस सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग &#39;दुनिया के कुछ देशों में&#39; कर रहा है। ये अभी यूजर्स Stories के लिए ऑडियंस की अनलिमिटेड लिस्ट बना सकते हैं (Close Friends के अलावा) और अपनी Story की समय सीमा को 24 घंटे और बढ़ा सकते हैं।</p>

<p><strong>दोबारा किसने देखी Story</strong></p>

<p>सब्सक्राइबर Stories का प्रीव्यू भी देख सकते हैं और ऐसा करने पर उनका नाम Stories देखने वालों की लिस्ट में नहीं दिखेगा। इसके अलावा, वे ये भी देख सकते हैं कि किसी Instagram Story को कितने लोगों ने दोबारा देखा है। वे हर हफ्ते अपनी किसी एक Story को &#39;Spotlight&#39; में डाल सकते हैं, ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें और उन्हें Stories के लिए एक &#39;Superlike&#39; बटन भी मिलेगा।<br />
<strong>मिलेगा 24 घंटे से ज्यादा समय</strong></p>

<p>Instagram Plus के सब्सक्राइबर अपनी Stories को ज्यादा समय तक, यानी 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक लाइव रख पाएंगे। साथ ही, वे अपनी भावनाओं को स्ट्रॉन्ग तरीके से जाहिर करने के लिए &#39;Super Hearts&#39; भेज पाएंगे और ज्यादा लोगों तक अपनी Story पहुंचाने के लिए उसे &#39;Spotlight&#39; में डाल पाएंगे। कहा जा रहा है कि ये सभी फीचर्स यूजर्स को अपनी Stories पर ज्यादा कंट्रोल देंगे और उनकी एंगेजमेंट बढ़ाने में मदद करेंगे।</p>

<p>इस फीचर को इस साल की शुरुआत में, जब ये डेवलपमेंट फेज़ में था, तब देखा गया था। Instagram ने अभी तक Instagram Plus के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कंपनी ने ये भी नहीं बताया है कि वह इसे बड़े पैमाने पर कब तक लॉन्च करने की योजना बना रही है। Instagram ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 8 मई से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए सपोर्ट खत्म कर देगा। इस तारीख के बाद, यूजर्स मौजूदा एन्क्रिप्टेड कन्वर्सेशन का एक्सेस खो देंगे। प्लेटफर्म ने यूजर्स से डेडलाइन से पहले अपने मैसेज और मीडिया डाउनलोड करने के लिए कहा है। कुछ यूजर्स को इस ऑप्शन को एक्सेस करने एप अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है।</p>
]]></content>
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<title><![CDATA[मावां-धीयां सत्कार योजना का लाभ अप्रैल से, सरकार ने जारी की अधिसूचना, पंजीकरण होगा निशुल्क]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/mawan-dhiyan-felicitation-scheme-benefits-will-begin-from-april-government-issues-notification-registration-is-free-0001493204/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 10:00:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[हॉलीवुड]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[चंडीगढ़&nbsp;

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बजट पेश करते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वाकांक्षी...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_142.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़&nbsp;</strong></p>

<p>पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बजट पेश करते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ महिलाओं को 2 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। पंजीकरण सेवा केंद्रों पर निःशुल्क होगा।&nbsp;</p>

<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह आप सरकार की गारंटी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मचारियों, पूर्व विधायकों, सांसदों तथा पेंशनभोगियों को छोड़कर) को इस योजना का लाभ मिलेगा।</p>

<p>योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,100 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।</p>

<p>सीएम मान ने कहा कि यह एक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना है, इसलिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने अपील की कि जिन महिलाओं के बैंक खाते नहीं हैं, वे जल्द से जल्द खाता खुलवाएं। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं (लगभग 1.10 करोड़) इस योजना के दायरे में आएंगी।</p>

<p><strong>क्या है यह योजना?</strong><br />
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर &#39;मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना&#39; (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) की घोषणा की थी। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे।</p>

<p>इस महत्वकांक्षी योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है।</p>

<p><strong>किन्हें नहीं मिलेगा इसका लाभ?</strong><br />
बता दें कि &#39;मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना&#39; (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) में केवल वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, पूर्व और वर्तमान सांसद/विधायक और आयकर दाताओं को इससे बाहर रखा गया है।</p>

<p>इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी।</p>

<p><strong>कैसे करें आवेदन?</strong><br />
इस योजना के लिए 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के लिए किन-किन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं।</p>

<p><strong>कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत?</strong><br />
&#39;मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना&#39; के लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले आपके पास पंजाब का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट और राशन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है।</p>

<p>&nbsp;</p>

<p><strong>महिलाओं की आर्थिक भलाई पर जोर</strong></p>

<p>सरकार ने &#39;मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना&#39; को लागू करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। 2 अप्रैल के नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा सोशल सिक्योरिटी पेंशन पाने वाले भी इस स्कीम के तहत उन्हें पहले से मिल रही सोशल सिक्योरिटी पेंशन के अलावा पूरे फाइनेंशियल फायदे पाने के हकदार होंगे। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस स्कीम का मकसद पूरे राज्य में महिलाओं की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और आजादी को मजबूत करना, घरेलू भलाई में सुधार करना, घरेलू फाइनेंशियल फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और पूरे पंजाब में जेंडर इक्विटी को बढ़ावा देना है। सभी पात्र महिलाओं की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और उनके पास वैलिड आधार और वोटर आईडी कार्ड होने चाहिए, साथ ही वे पंजाब के रजिस्टर्ड रेजिडेंट वोटर होने चाहिए।<br />
<strong>इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा</strong></p>

<p>&nbsp; &nbsp; पंजाब सरकार, या केंद्र सरकार, या देश के किसी दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।<br />
&nbsp; &nbsp; राज्य या केंद्र सरकार के तहत बने किसी भी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्टैच्युटरी बोर्ड, कॉर्पोरेशन, कमीशन, कमेटी, डायरेक्टरेट, कोऑपरेटिव इंस्टीट्यूशन, या ट्रिब्यूनल से पेंशन पाने और पाने वाली रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।</p>

<p>&nbsp; &nbsp; जिन महिलाओं ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में इनकम टैक्स दिया है, मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद या विधायक और मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक के पति/पत्नी को भी बाहर रखा जाएगा।</p>

<p><strong>महिला बाल विकास विभाग लागू करेगा स्कीम</strong></p>

<p>नोटिफिकेशन में कहा गया है कि फाइनेंशियल फायदे लाभार्थियों को हाई-लेवल इम्प्लीमेंटेशन कमिटी द्वारा समय-समय पर तय किए गए शेड्यूल और फ्रीक्वेंसी के अनुसार जारी किए जाएंगे। फाइनेंशियल मदद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। इसमें कहा गया है कि पैसे बांटने के तरीके में अगर कोई बदलाव या मॉडिफिकेशन होता है, तो वह मुख्यमंत्री की मंजूरी से किया जा सकता है। स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन सभी तय सेंटर पर फ्री होगा, और किसी भी लाभार्थी से कोई फीस नहीं ली जाएगी। यह स्कीम सोशल सिक्योरिटी और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू की जाएगी।</p>
]]></content>
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<title><![CDATA[झारखंड टीईटी आवेदन 21 अप्रैल से, जानें योग्यता, उम्र सीमा और जरूरी निर्देश]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/jharkhand-tet-applications-open-on-april-21st-learn-about-the-eligibility-age-limit-and-other-instructions-0001493172/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:51:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[क्रिकेट]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[&nbsp;रांची&nbsp;
नई दिल्ली सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर हैं। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू होकर 21...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_89.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>&nbsp;रांची&nbsp;</strong><br />
नई दिल्ली सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर हैं। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी। यह परीक्षा राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों (प्राथमिक कक्षा 1 से 5 और उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8) में शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता निर्धारित करने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। राज्य सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2026 के तहत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी परीक्षा से संबंधित योग्यता, पाठ्यक्रम, भाषा और अन्य मानदंड परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।</p>

<p><strong>पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचनाः</strong><br />
जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में विज्ञापन संख्या 30/2024 के तहत आवेदन किया था, उन्हें भी दोबारा आवेदन करना अनिवार्य होगा। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्हें नए नियमों के अनुसार भाषा-2 का चयन करना होगा, पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपडेट करनी होगी।</p>

<p><strong>शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक योग्यताः</strong><br />
प्राथमिक (कक्षा 1&ndash;5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6&ndash;8) के शिक्षकों के लिए योग्यता अधिसूचना संख्या 487 (दिनांक 26.03.2026) में निर्धारित है।</p>

<p><strong>आरक्षित वर्ग को राहतः</strong><br />
जैक की ओर से प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 5% की छूट दी जाएगी। जो अभ्यर्थी निर्धारित प्रशिक्षण की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।</p>

<p><strong>यह है शर्तः</strong><br />
अंतिम अंकपत्र निर्धारित तिथि तक जमा करना होगा। परीक्षा परिणाम प्रकाशित होने से पहले सत्यापन करना होगा। इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देश तथा उच्चतम न्यायालय के आदेश भी प्रभावी होंगे।</p>

<p><strong>जरूरी नियमः<br />
आवेदन करने से </strong>पात्रता स्वतः प्रमाणित नहीं होगी। अंतिम सत्यापन नियुक्ति के समय जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा किया जाएगा। अभ्यर्थी अपने अंक सुधार के लिए एक से अधिक बार परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।</p>
]]></content>
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<item>
<title><![CDATA[भारत के लिए खुशखबरी! एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने होर्मुज पार किया, मुंबई तक कब पहुंचेगा?]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/good-news-for-india-the-lpg-tanker-green-sanvi-has-crossed-the-strait-of-hormuz-when-will-it-reach-mumbai-0001493169/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:41:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[देश]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[मुंबई&nbsp;

होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी सफलतापूर्वक पार हो गया है. इस जहाज...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_86.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>मुंबई&nbsp;</strong></p>

<p>होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी सफलतापूर्वक पार हो गया है. इस जहाज पर लगभग 44,000 मीट्रिक टन LPG है. टैंकर ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट पार किया और अनुमान है कि यह 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंच जाएगा. मार्च महीने में यह होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है. अभी भी कई भारतीय तेल-गैस जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं।&nbsp;</p>

<p>जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ग्रीन सान्वी फारस की खाड़ी में खड़ा था और ईरान के समुद्री इलाके से होकर होर्मुज स्ट्रेट के पूरब में पहुंचा. इसके बाद यह मुंबई की ओर बढ़ रहा है. अनुमान है कि इस टैंकर में लगभग 44,000 मीट्रिक टन LPG है, जो पश्चिम एशिया युद्ध से पहले भारत की LPG खपत के आधे दिन के बराबर है. युद्ध के कारण सप्लाई में कमी आई है और देश में मौजूदा एलपीजी खपत कम है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दो और एलपीजी टैंकर&nbsp; ग्रीन आशा और जग विक्रम भी होर्मुज पार करके भारत आने की उम्मीद है।&nbsp;</p>

<p><strong>होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज</strong><br />
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, ग्रीन सान्वी ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है. अब तक आने वाले सभी सात जहाज एलपीजी टैंकर ही थे. ग्रीन सान्वी के ट्रांजिट के साथ, फारस की खाड़ी में अब 17 भारतीय झंडे वाले जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पूरब में हैं. भारत अभी भी होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के सुरक्षित पास के लिए ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत कर रहा है. ईरान ने होर्मुज बंद कर रखा है और अब टोल वसूल रहा है, लेकिन भारत से अच्छे संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को छूट दी गई है।&nbsp;</p>

<p><strong>केवल कुछ देशों को ही होर्मुज पार करने की अनुमति</strong><br />
पिछले हफ्ते ईरान ने कहा था कि केवल अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी देशों के अलावा मित्र देशों के जहाज ही ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल करके होर्मुज पार कर सकते हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उन देशों के लिए चालू है, जो ईरान के मित्र हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को समुद्री चोकपॉइंट से पार करने की अनुमति दी गई है।&nbsp;</p>

<p><strong>ग्रीन सान्वी ने कैसे पार किया होर्मुज</strong><br />
होर्मुज पार करते समय ग्रीन सान्वी ने भारतीय जहाज होने का संकेत दिया, जिसमें भारतीय नाविक सवार थे. यह संकेत ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बनाने का एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया बन गया है. ईरान और ओमान के बीच संकरे पानी के रास्ते से जहाजों की आवाजाही को रेगुलेट किया जाता है. यह रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और ग्लोबल एनर्जी फ्लो के लिए महत्वपूर्ण है. भारतीय जहाजों को इंडियन नेवी द्वारा एस्कॉर्ट भी किया जाता है।&nbsp;</p>

<p><strong>पिछले हफ्ते आए दो एलपीजी टैंकर</strong><br />
पिछले हफ्ते जग वसंत ने कांडला में 47,612 मीट्रिक टन LPG डिलीवर किया, जबकि पाइन गैस ने न्यू मंगलौर में 45,000 मीट्रिक टन LPG डिलीवर की. ये दोनों टैंकर भी होर्मुज पार करके भारत पहुंचे. दो और एलपीजी जहाज ग्रीन आशा और जग विक्रम अब स्ट्रेट पार करने के लिए रेडी हैं और इंडियन नेवी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. 28 फरवरी से ईरान-अमेरिका युद्ध जारी है. अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसमें खामेनेई की मौत हुई. तब से होर्मुज बंद है।&nbsp;</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[टाटा Safari EV: 600Km रेंज और ऑल व्हील ड्राइव के साथ, लॉन्च डेट का इंतजा]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/tata-safari-ev-600km-range-and-all-wheel-drive-launch-date-awaited-0001493181/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:31:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[मुंबई&nbsp;

टाटा मोटर्स देश की एक प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी है. कंपनी की पंच ईवी उन चुनिंदा कार्स में से एक है, जिन पर वेटिंग चल रही है. ऐसे में...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_106.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>मुंबई&nbsp;</strong></p>

<p>टाटा मोटर्स देश की एक प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी है. कंपनी की पंच ईवी उन चुनिंदा कार्स में से एक है, जिन पर वेटिंग चल रही है. ऐसे में कंपनी ने एक नई इलेक्ट्रिक कार लाने पर विचार कर रही है, जो साइज में बड़ी और लुक्स में दमदार होगी. हम बात कर रहे हैं टाटा सफारी की, जो ईवी अवतार में आ रही है।&nbsp;</p>

<p>अभी तक ब्रांड की फ्लैगशिप ईवी हैरियर है, लेकिन जल्द ही ये ताज हैरियर की बड़ी बहन सफारी को मिल जाएगा. कंपनी इस साल ही अपनी सफारी ईवी को लॉन्च करने पर विचार कर रही है. ये कार 7-सीटर अवतार में आएगी. इसका सीधा मुकाबला महिंद्रा एक्सईवी 9एस (Mahindra XEV 9S) और विनफास्ट वीएफ एमपीवी 7 (Vinfast VF MPV 7) से होगा।&nbsp;</p>

<p><strong>कब लॉन्च होगी कार?</strong><br />
टाटा मोटर्स इस कार को फेस्टिव सीजन में लॉन्च कर सकती है. उम्मीद है कि कंपनी इस कार को दीवाली पर लॉन्च कर सकती है. जहां हैरियर 5-सीटर सेटअप में आती है. वहीं सफारी को कंपनी 7 सीटर सेटअप में लॉन्च कर सकती है. लॉन्च होने के बाद ये कंपनी की पहली थ्री रो इलेक्ट्रिक व्हीकल होगी।&nbsp;</p>

<p>इस कार का प्रोडक्शन अगस्त 2026 में शुरू हो सकता है. इंटरनली इस कार को Tayrona कहा जा रहा है. माना जा रहा है कि कंपनी इस कार को उसी प्लेटफॉर्म पर तैयार कर सकती है, जिस पर टाटा हैरियर ईवी को डेवलप किया गया है. कार का डिजाइन भी हैरियर ईवी की तरह ही रहेगा.&nbsp;<br />
<strong>क्या कुछ मिल सकता है?&nbsp;</strong></p>

<p>टाटा सफारी ईवी में भी हैरियर ईवी वाला ही बैटरी पैक और मोटर सेटअप मिल सकता है. ये कार 65kWh और 75kWh बैटरी पैक के साथ आ सकती है. रियर व्हील ड्राइव कॉन्फिग्रेशन में एक सिंगल मोटर मिलेगी, जो रियर साइड में लगी होगी. वहीं ऑल व्हील ड्राइव में डुअल मोटर सेटअप दिया जा सकता है।&nbsp;</p>

<p>रेंज की बात करें, तो हैरियर ईवी 75kWh बैटरी के साथ रियर व्हील ड्राइव वेरिएंट में 627 किलोमीटर की रेंज क्लेम करती है. वहीं ऑल व्हील ड्राइव वेरिएंट में रेंज घटकर 622 किलोमीटर हो जाती है. बात करें, 65kWh वाले मॉडल की तो इसमें 538 किलोमीटर की रेंज मिलती है. सफारी में कंपनी 100 किलोवॉट का डीसी चार्जिंग सपोर्ट दे सकती है।&nbsp;</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[कांग्रेस के शासनकाल में रोटी के लिए लोगों को भटकना पड़ता था, नितिन नवीन का आरोप]]></title>
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<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:22:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[श्रीभूमि&nbsp;
&nbsp;असम के श्रीभूमि में आयोजित जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा-एनडीए की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सभा में उमड़ी भारी भीड़ इस...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_207.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>श्रीभूमि&nbsp;</strong><br />
&nbsp;असम के श्रीभूमि में आयोजित जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा-एनडीए की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सभा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में असम में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है और जनता का पूरा आशीर्वाद पार्टी को मिलने वाला है। नितिन नवीन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार ने असम के विकास और उसकी समृद्ध विरासत, दोनों को आगे बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले राज्य को अपराध का गढ़ बना दिया गया था। कांग्रेस के शासनकाल में लोगों को रोटी के लिए भटकना पड़ता था, रोजगार के अवसर नहीं थे और न ही महिलाओं और राज्य की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित थी।&nbsp;</p>

<p>इसी कारण असम की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सजा दी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और असम तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सड़क, बिजली, रोजगार जैसे हर क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।</p>

<p>बराक वैली का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यह इलाका उपेक्षा और भेदभाव का शिकार था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जरिए इस क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हुई है और लोगों तक सुविधाएं पहुंच रही हैं।</p>

<p>नितिन नवीन ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत असम में 22 लाख गरीबों को पक्के घर दिए जा चुके हैं। साथ ही आने वाले समय में 15 लाख और मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>

<p>इसके अलावा ओरुनोडोई (अरुणोदय) योजना के तहत लाभार्थियों को अब 3,000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के घर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है।</p>

<p>बता दें कि अरुणोदय योजना असम सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करना है।महिलाओं के सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।</p>

<p>रोजगार के मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने 2 लाख युवाओं को नौकरी देने का संकल्प लिया है। साथ ही नए उद्योग लगाने वालों को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देने की योजना भी बनाई गई है। उन्होंने पूर्व यूपीए सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय पक्की सड़कों का निर्माण नहीं किया गया, बल्कि यह तर्क दिया जाता था कि सड़क बनने से विदेशी घुसपैठ बढ़ेगी। इसके उलट, केंद्र सरकार ने चीन सीमा तक पक्की सड़कें बनाईं, जिससे अब कोई भी देश भारत की जमीन पर नजर डालने की हिम्मत नहीं कर सकता।</p>

<p>असम में विधानसभा चुनाव केवल एक ही चरण में संपन्न होंगे। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को होगा।</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[ ईरान युद्ध के असर पर इकोनॉमिस्ट का अलर्ट: '40 दिन से ज्यादा चला तो खाद्य कीमतें 6 महीने के उच्चतम स्तर पर']]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/economist-alert-on-the-impact-of-the-iran-war-if-the-war-lasts-more-than-40-days-food-prices-could-reach-a-6-month-high-0001493262/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:11:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[देश]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[&nbsp;नई दिल्ली

मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) का असर लगभग हर देश में देखने को मिला है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग के चलते होर्मुज बंद होने से...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_204.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong></p>

<p>मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) का असर लगभग हर देश में देखने को मिला है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग के चलते होर्मुज बंद होने से पैदा हुए ग्लोबल तेल संकट (Oil Crisis) ने पाकिस्तान, बांग्लादेश से लेकर श्रीलंका समेत अन्य देशों की चिंता बढ़ा दी. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) फूड प्राइस इंडेक्स के आकंड़े देखें, तो युद्ध के चलते दुनिया में खाने-पीने की चीजों के दाम छह महीने के हाई (Global Food Price Surge) पर पहुंच गए हैं।&nbsp;</p>

<p><strong>आने वाले महीनों में बढ़ेगी टेंशन!&nbsp;</strong><br />
मार्च महीने में वैश्विक स्तर पर खाने-पीने की चीजों की कीमतें सितंबर 2025 के बाद से हाई लेवल पर पहुंच गईं. इससे आने वाले महीनों में किराने पर खर्च और उनके बिलों की स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं।&nbsp; एफएओ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी हुई है, जो ग्लोबल फूड मार्केट में महंगाई के बढ़ते दबाव का संकेत है&nbsp; &nbsp; &nbsp;.</p>

<p>जरूरी चीजों के मूल्य का आकलन करने वाला मानक FAO Food Price Index बीते मार्च महीने में औसतन 128.5 अंक रहा, जो फरवरी से 2.4% और वार्षिक आधार पर 1% का इजाफा दर्शाता है. इसके पीछे बड़े कारण की बात करें, तो खासतौर पर वेस्ट एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण बढ़ती ऊर्जा कीमतें, उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होना है।</p>

<p>FAO के चीफ इकोनॉमिस्ट मैक्सिमो टोरेरो का कहना है कि मिडिल ईस्ट जंग शुरू होने के बाद से कीमतों में जो वृद्धि हुई है, उसका सबसे बड़ा कारण तेल की ऊंची कीमतें हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष का फूड सिस्टम पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।&nbsp;</p>

<p>खाद्य मंहगाई (Food Inflation) के पीछे के कारणों की बात करें,तो कच्चे तेल की हाई कीमतों से ट्रांसपोर्टेशन और प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ती है. इसके साथ ही बायोफ्यूल की डिमांड में भी इजाफा देखने को मिलता है और इससे वनस्पति तेल जैसी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं. फर्टिलाइजर्स पर असर एक बड़ी चिंता का विषय है, जो किसानों के बुवाई प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।&nbsp;</p>

<p><strong>गेहूं और मक्का की कीमतों में इजाफा&nbsp;</strong><br />
वैश्विक स्तर पर फूड प्राइस में बढ़ोतरी के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रमुख रूप से खाद की बढ़ती लागत के चलते गेहूं की कीमतों में ग्लोबली 4.3% की वृद्धि हुई, तो एथेनॉल की डिमांड मजबूत होने से मक्का का भाव बढ़ा है।&nbsp;</p>

<p>इसके अलावा वनस्पति तेल की कीमतों में सबसे तेज इजाफा देखने को मिला है, जो मासिक आधार पर 5.1% है. इसके अलावा सालाना आधार पर देखें, तो 13.2% की बढ़ोतरी देखने को मिली है. ये क्रूड प्राइस और बायोफ्यूल की डिमांड बढ़ने के चलते रही. मीट की कीमतों में 1% की वृद्धि हुई. डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमतों में 1.2%, जबकि चीनी की कीमतों में 7.2% का उछाल आया।&nbsp;</p>

<p><strong>इकोनॉमिस्ट ने दी चेतावनी</strong><br />
एफएओ ने खाद्य सप्लाई के लिए संभावित जोखिमों की चेतावनी भी दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक गेहूं उत्पादन 820 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.7% कम है. इसके साथ ही इकोनॉमिस्ट टोरेरो ने वार्निंग देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में मौजूदा संघर्ष 40 दिनों से अधिक समय तक चलता है, तो इसका वास्तविक प्रभाव बाद में देखने को मिल सकता है।&nbsp;</p>

<p>उन्होंने कहा कि किसान खाद का इस्तेमाल कम कर सकते हैं, बुवाई कम कर सकते हैं या कम लागत वाली फसलों की ओर रुख कर सकते हैं. ये ऐसे फैसले हैं, जिनसे आने वाले महीनों में पैदावार कम हो सकती है और आपूर्ति सीमित हो सकती है. टोरेरो की मानें, तो फिलहाल फूड प्राइस में जो तेजी देखने को मिली है, वो डराने वाली नहीं है, लेकिन इन क्षेत्रों में लगातार दबाव वैश्विक स्तर पर खाद्य लागत में बड़ी वृद्धि का कारण बन सकता है।&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[चीन और अमेरिका के बीच समंदर में नया टकराव, जहाज रोकने को लेकर बढ़ा विवाद]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/new-conflict-at-sea-between-china-and-the-us-dispute-escalates-over-the-ships-detention-0001492985/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:04:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[विदेश]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[वाशिंगटन

दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन, समंदर में भी आमने-सामने आ गई हैं. ताजा विवाद पनामा झंडे वाले जहाजों को लेकर शुरू हुआ है, जिसने वैश्विक व्यापार...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/3A_86.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>

<p>दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन, समंदर में भी आमने-सामने आ गई हैं. ताजा विवाद पनामा झंडे वाले जहाजों को लेकर शुरू हुआ है, जिसने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर नए खतरे खड़े कर दिए हैं. अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह पनामा-फ्लैग वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रोक रहा है और उन्हें जानबूझकर देरी कर रहा है।&nbsp;</p>

<p>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे &quot;परेशान&quot; या दबाव बनाने की रणनीति बताया. उन्होंने कहा कि चीन के इस कदम से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, लागत बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड सिस्टम पर भरोसा कम हो रहा है।&nbsp;</p>

<p>आंकड़े भी इस विवाद को और गंभीर बनाते हैं. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च महीने में चीन के बंदरगाहों पर जिन 124 जहाजों को जांच के नाम पर रोका गया, उनमें से 92 यानी करीब 75% पनामा के झंडे वाले जहाज थे. ये जहाज एक दिन से लेकर 10 दिन तक रोके गए. इससे पहले जनवरी और फरवरी में यह आंकड़ा काफी कम था, जो अब अचानक बढ़ गया है।&nbsp;</p>

<p><strong>पनामा नहर से जुड़ा पूरा विवाद</strong><br />
इस पूरे विवाद की जड़ पनामा नहर से जुड़ी है. पनामा कनाल दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से भारी मात्रा में वैश्विक व्यापार गुजरता है. हाल ही में पनामा की सुप्रीम कोर्ट ने एक हांगकांग आधारित कंपनी के नियंत्रण वाले दो बड़े पोर्ट टर्मिनल्स का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया था. इसके बाद पनामा ने इन पोर्ट्स पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया।&nbsp;</p>

<p>अमेरिका लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि चीन इस नहर के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो यहां तक कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका पनामा नहर पर फिर से नियंत्रण हासिल कर सकता है. ऐसे में चीन द्वारा पनामा-फ्लैग जहाजों को रोकना इस बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।&nbsp;</p>

<p><strong>चीन ने अमेरिका पर पनामा पर कब्जा करने का लगाया आरोप</strong><br />
चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और असल में खुद पनामा नहर पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है. पनामा सरकार ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश की है. विदेश मंत्री ने माना कि जहाजों को रोके जाने के मामले बढ़े हैं, लेकिन इसे सामान्य समुद्री प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पनामा चीन के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखना चाहता है।&nbsp;</p>

<p>लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि मामला इतना साधारण नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर चीन पनामा के झंडे वाले जहाजों को लगातार निशाना बनाता है, तो इससे पनामा की वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ सकता है. पनामा दुनिया में जहाज रजिस्ट्रेशन का एक बड़ा केंद्र है और इससे उसे हर साल करीब 100 मिलियन डॉलर की कमाई होती है।&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[ निशातपुरा रेलवे स्टेशन शुरू होने से भोपाल को मिलेगा पांचवां रेलवे स्टेशन, ट्रेनों को हॉल्ट मिला ]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/with-the-opening-of-nishatpura-railway-station-bhopal-will-receive-its-fifth-railway-station-with-several-trains-receiving-a-halt-0001493163/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:03:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[धर्म ज्योतिष]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[&nbsp;भोपाल
&nbsp;भोपाल मेन स्टेशन के साथ ही रानी कमलापति, संतनगर, मिसरोद के अलावा निशातपुरा के रूप में राजधानी भोपाल को जल्द ही पांचवा रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_77.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>&nbsp;भोपाल</strong><br />
&nbsp;भोपाल मेन स्टेशन के साथ ही रानी कमलापति, संतनगर, मिसरोद के अलावा निशातपुरा के रूप में राजधानी भोपाल को जल्द ही पांचवा रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन कमीशनिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। बुनियादी सुविधाएं पूरी होने के साथ ही इसे ट्रेनों के हॉल्ट और यात्रियों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनों को हॉल्ट मिलेगा जिससे भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक वर्तमान के मुकाबले कम किया जा सकेगा। भोपाल स्टेशन पर अभी प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने के चलते कई यात्री ट्रेन प्लेटफार्म खाली होने के इंतजार में आउटर पर खड़ी करनी पड़ती हैं।</p>

<p>भोपाल रेल मंडल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए डीआरएम पंकज त्यागी एवं सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल रेल मंडल में यात्री सुविधाओं में इजाफा करने के लिए नए प्रोजेक्ट लागू किए हैं। यात्री सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए भोपाल रेल मंडल द्वारा माल परिवहन, टिकट चेकिंग अभियान, स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर आमदनी में 14 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।</p>

<p>भोपाल रेलवे को वित्तीय 2025-26 में 896.38 करोड रुपए की आय अर्जित हुई है। इस राशि का इस्तेमाल यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन में किया जाएगा।</p>

<p><strong>इन ट्रेनों को निशातपुरा स्टेशन पर मिलेगा ठहराव</strong></p>

<ul>
	<li>डॉ. आंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस।</li>
	<li>इंदौर-पटना-इंदौर (शनिवार/सोमवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-पटना-इंदौर (सोमवार, बुधवार/बुधवार,शुक्रवार) द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस।</li>
	<li>डा.आंबेडकर नगर-प्रयागराज जंक्शन-डा. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस (प्रतिदिन)</li>
	<li>अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद (रविवार/मंगलवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस।</li>
	<li>इंदौर-बरेली-इंदौर (गुरुवार/बुधवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-हावड़ा-इंदौर क्षिप्रा (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार/सोमवार, गुरुवार, शनिवार) त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस।</li>
</ul>

<p><strong>भुज-शालीमार-भुज एक्सप्रेस (साप्ताहिक)</strong><br />
यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में भोपाल स्टेशन पर आधुनिक स्लीपिंग पॉड में फैमिली और सिंगल बेड की सुविधा को बढ़ाया जाएगा। 300 क्षमता वाला एग्जीक्यूटिव लाउंज डेवलप होगा। इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम के लिए स्टेशन के बाहर मल्टी लेवल पार्किंग भवन बनेगा। स्टेशन पर ड्रॉप एंड को फैसिलिटी की लेन बढ़ाई जाएंगी।</p>

<p><strong>भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग</strong></p>

<p>भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा। जो नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, उन्हें इंटरनेट के जरिए एआइ मॉनिटरिंग से लिंक कर यह व्यवस्था बनाई जाएगी। डीआरएम पंकज त्यागी के मुताबिक रेलवे में भी अन्य विभागों की तरह एआइ बेस्ड मॉनिटरिंग लगातार बढ़ रही है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर नई टेक्नोलॉजी के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।</p>

<p><strong>सीनियर DCM बोले - भोपाल स्टेशन का दबाव कम होगा</strong><br />
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि निशातपुरा स्टेशन 2023 से तैयार किया जा रहा है और इसके अधिकतर कार्य पूरे हो चुके हैं। फिलहाल रेलवे द्वारा अंतिम परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नव वर्ष में इस स्टेशन को शुरू करने की तैयारी चल रही है। जैसे ही उद्घाटन कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त होगी, स्टेशन को ऑपरेशन में लाया जाएगा।</p>

<p>उन्होंने बताया कि अब तक मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर&ndash;वरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का हॉल्ट निशातपुरा में नोटिफाई किया जा चुका है। भोपाल स्टेशन परिचालन की दृष्टि से अत्यधिक कंजस्टेड है। ट्रेनों का लगातार रिवर्सल होना यात्रियों की यात्रा में देर कराता है।</p>

<p>निशातपुरा शुरू होने से न सिर्फ ऑपरेशन आसान होगा, बल्कि भोपाल के भीड़भाड़ वाले हिस्से में जाने का समय भी बचेगा। यात्री सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि &ldquo;भविष्य में यात्रियों की मांग और लोड के आधार पर और ट्रेनों के हॉल्ट बढ़ाए जाएंगे। कई गाड़ियों के रूट और ठहराव का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके।</p>

<p><strong>भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर दूर है निशातपुरा...</strong><br />
भोपाल शहर में अभी 3 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर शामिल हैं। निशातपुरा और मैन स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है। संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है। यह विकास कार्य पूरा होने पर यहां ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ेंगे।</p>

<p><strong>निशातपुरा NSG-3 कैटेगरी का स्टेशन होगा</strong><br />
भोपाल में निशातपुरा स्टेशन एनएसजी-3 कैटेगरी में कर दिया गया है। इसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था। स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है। नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है, गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी)। इसके अलावा इन समूहों को क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है।</p>

<p><strong>नहीं बदलनी पड़ेगी इंजन की दिशा</strong><br />
मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस जैसी चार से ज्यादा ट्रेनें हैं, जिनके स्टॉपेज भोपाल स्टेशन पर हैं। यदि इन ट्रेनों का हाल्ट भोपाल में खत्म कर निशातपुरा तक सीमित किया जाता है, तो इनके इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी।इससे उन्हें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की तरफ रवाना करना आसान हो जाएगा। वर्तमान में इन ट्रेनों के भोपाल आवागमन के दौरान इंजन की दिशा बदलने में आधे घंटे से अधिक का समय लगता है, जिसे बचाया जा सकेगा।</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[पाकिस्तान में 80% लोग गे, 20% बायसेक्सुअल, हिना बलूच ने किया चौंकाने वाला खुलासा]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/80-of-pakistans-population-is-gay-20-is-bisexual-hina-baloch-makes-a-shocking-revelation-0001493249/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:01:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[विदेश]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[कराची&nbsp;

पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलूच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने पाकिस्तान में बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। वीडियो...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_186.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>कराची&nbsp;</strong></p>

<p>पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलूच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने पाकिस्तान में बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। वीडियो में हिना ने दावा किया है कि पाकिस्तान में कोई भी &#39;स्ट्रेट&#39; (विषमलैंगिक) नहीं है और देश की पूरी आबादी या तो समलैंगिक (Gay) है या बायसेक्सुअल (Bisexual)। उनका तर्क है कि सामाजिक दबाव, धर्म और पारिवारिक सम्मान की आड़ में पाकिस्तान में लोग अपनी कामुकता को छिपाकर रखते हैं।</p>

<p><strong>पाकिस्तानी समाज का &#39;खुला रहस्य&#39;</strong><br />
&#39;क्वीर ग्लोबल&#39; को दिए एक हालिया इंटरव्यू में हिना बलूच ने पाकिस्तानी समाज की इस स्थिति को एक &#39;खुला रहस्य&#39; बताया। उन्होंने कहा, &#39;मेरा मानना है कि पाकिस्तान की आधे से अधिक आबादी वास्तव में गे है। वे बस इसे खुलकर कहना नहीं चाहते हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान की 80 प्रतिशत आबादी गे है और बाकी 20 प्रतिशत बायसेक्सुअल है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि कामुकता के मामले में <strong>पाकिस्तान में कोई भी &#39;स्ट्रेट&#39; है।&#39;</strong></p>

<p><strong>धर्म और संस्कृति की आड़</strong><br />
बलूच ने तर्क दिया कि कई लोग अपनी सेक्शुअल ओरिएंटेशन (यौन रुझान) को दबाते हैं या उससे इनकार करते हैं। अपने बचपन के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, &#39;लोग इससे इनकार करेंगे, वे इसके बीच में धर्म को लाएंगे, वे संस्कृति का हवाला देंगे, लेकिन यह एक खुला रहस्य है।&#39;</p>

<p>हिना बलूच ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को शेयर करते हुए बताया कि उनका निजी संघर्ष कामुकता को लेकर कम, बल्कि अपनी जेंडर एक्सप्रेशन (लिंग अभिव्यक्ति) को लेकर ज्यादा था। उन्होंने बताया, &#39;मुझे हमेशा इस बात की चिंता सताती थी कि मैं कैसे लिपस्टिक लगाऊं ताकि परिवार से गालियां न सुननी पड़ें। मैं कैसे महिलाओं वाले कपड़े और गहने पहनूं जिससे मुझे मार न खानी पड़े?&#39;</p>

<p><strong>समुदाय का शोषण</strong><br />
उन्होंने पाकिस्तान के &#39;ख्वाजा सरा&#39; (ट्रांसजेंडर) समुदाय द्वारा सामना की जाने वाली प्रणालीगत और सामाजिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस समुदाय के कई लोगों को मजबूरन भीख मांगने, शादियों में नाचने या सेक्स वर्क (वेश्यावृत्ति) जैसे सीमित और शोषणकारी कामों में धकेल दिया जाता है।</p>

<p>इन सामाजिक बंधनों और शोषण को अस्वीकार करते हुए, बलूच ने जेंडर और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। वह &#39;सिंध मूरत मार्च&#39; की सह-संस्थापक बनीं और पाकिस्तान के प्रसिद्ध &#39;औरत मार्च&#39; में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने खुद को ट्रांसजेंडर और अल्पसंख्यक अधिकारों की एक मुखर पैरोकार के रूप में स्थापित किया।</p>

<p><strong>हिंसा और देश छोड़ना</strong><br />
बलूच ने बताया कि एक विरोध प्रदर्शन के दौरान &#39;प्राइड फ्लैग&#39; फहराने के बाद उन्हें भारी हिंसक प्रतिशोध का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कथित अपहरण और दुर्व्यवहार का भी सामना किया। इन जानलेवा और खौफनाक अनुभवों ने अंततः उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। बाद में, उन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित &#39;SOAS विश्वविद्यालय&#39; में स्कॉलरशिप हासिल की और अपनी सुरक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) में शरणार्थी का दर्जा मांगा।</p>
]]></content>
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</item>
<item>
<title><![CDATA[ट्रंप ने 6 अप्रैल तक की मोहलत दी थी, ईरान के लिए नहीं, खुद की मुश्किलों से जूझते हुए]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/trump-granted-a-deadline-until-april-6th-not-for-iran-but-for-his-own-personal-safety-0001493165/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:01:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[विदेश]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[न्यूयॉर्क

&nbsp;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सरेंडर करने के लिए उसे छह अप्रैल तक की मोहलत दी थी. लेकिन, अब साफ हो चुका है कि यह मोहलत ईरान के...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_82.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>न्यूयॉर्क</strong></p>

<p>&nbsp;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सरेंडर करने के लिए उसे छह अप्रैल तक की मोहलत दी थी. लेकिन, अब साफ हो चुका है कि यह मोहलत ईरान के लिए नहीं, बल्कि खुद डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य और राजनीतिक मजबूरी के लिए थी. 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध में अमेरिका ने भारी सैन्य तैयारी की, बड़े-बड़े नौसैनिक बेड़े भेजे और नाटो देशों से साथ आने की अपील की, लेकिन होर्मुज की खाड़ी में ईरान की पकड़ इतनी मजबूत साबित हुई कि ट्रंप की सारी रणनीति हांफती नजर आ रही है. अब ट्रंप नाटो सहयोगियों को गरियाने लगे हैं और ईरान के जवाबी हमलों में अमेरिकी फाइटर जेट व हेलीकॉप्टर मारे जा रहे हैं।&nbsp;</p>

<p>ट्रंप प्रशासन ने शुरू से ही ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई. इजराइल के साथ मिलकर शुरू किए गए हमलों में अमेरिका ने ईरान के नेतृत्व, परमाणु सुविधाओं और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना तबाह हो चुकी है. लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया. इस समुद्री रास्ते से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल की ढुलाई होती है. इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया है और तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं।&nbsp;</p>

<p><strong>पहले 48 घंटे का दिया था अल्टीमेटम</strong><br />
ट्रंप ने शुरू में ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि होर्मुज खोलो वरना पावर प्लांट तबाह कर देंगे. फिर इसे बढ़ाकर छह अप्रैल कर दी. जानकारों के अनुसार यह विस्तार इसलिए किया गया क्योंकि अमेरिका को अपनी सैन्य तैयारी मजबूत करने का समय चाहिए था. इस दौरान अमेरिका ने फारस की खाडी में बड़े नौसैनिक फ्लीट भेजे, जिनमें सुपर कैरियर जैसे USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश भी शामिल हैं. साथ ही ट्रंप ने नाटो देशों से अपील की कि वे भी नौसेना भेजकर होर्मुज को खोलने में मदद करें।&nbsp;</p>

<p>लेकिन नाटो सहयोगी इस अपील पर खरे नहीं उतरे. यूरोपीय देशों ने साफ कहा कि वे अमेरिका-इजराइल युद्ध में सीधे शामिल नहीं होंगे. ट्रंप ने गुस्से में नाटो को कागजी शेर करार दिया और यहां तक कह दिया कि अमेरिका नाटो से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को जरूरत पड़ी तो सहयोगी पीछे हट गए, जबकि अमेरिका सालों से उनका बचाव करता रहा. नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने कुछ समर्थन जताया, लेकिन ज्यादातर यूरोपीय नेता ट्रंप की मांगों से दूर रहे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तो ट्रंप की रणनीति को अस्थिर बताया. होर्मुज में अमेरिका की स्थिति कमजोर साबित हुई. ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता के सामने अमेरिकी नौसेना भी पूरी तरह ईरान को हिला नहीं पाई. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखा और कुछ जहाजों को ही गुजरने दिया, जो ज्यादातर ईरान से जुड़े थे. इसमें कुछ भारत और चीन के जहाज थे।&nbsp;</p>

<p><strong>अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बनी</strong><br />
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज में ईरान की भौगोलिक स्थिति और एंटी-शिप मिसाइलें अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. अब युद्ध के करीब पांच हफ्ते बाद अमेरिका को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. एक दिन पहले ही ईरान ने अमेरिकी F-15E फाइटर जेट को मार गिराया. उस जेट का पायलट लापता है. संभवतः वह ईरान के कब्जे में है. सर्च एंड रेस्क्यू के दौरान दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलीबारी के शिकार हुए, हालांकि वे सुरक्षित लैंड कर गए. एक अन्य A-10 वारथोग विमान को भी कुवैत के ऊपर मार गिराया गया. ये घटनाएं अमेरिकी एयर पावर के दावों पर सवाल खड़े करती हैं. ईरान के आईआरजीसी ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।&nbsp;</p>

<p>डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि युद्ध समाप्ति की ओर है और अगले 2-3 हफ्तों में अमेरिका बहुत जोरदार हमले करेगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना चली गई है, एयर फोर्स तबाह हो चुकी है और मिसाइल स्टॉक खत्म हो रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत अलग है. ईरान ने जवाबी हमलों में इजराइल और गल्फ देशों पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमलों की भी बात कही गई।&nbsp;</p>

<p>यह युद्ध ट्रंप के लिए राजनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुनौती बन गया है. ईरान ने अमेरिका की कमजोर नस पकड़ ली है. होर्मुज की बंदी और उसके सटीक जवाबी हमले ने डोनाल्ड ट्रंप को बैकफुट पर ला दिया है. अब ट्रंप खुद को बचाने की कोशिश में लगे हैं. अगर छह अप्रैल तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई तो पावर प्लांट पर हमले की धमकी फिर दोहराई जा सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा करना और बड़ा संकट पैदा कर सकता है. कुल मिलाकर ट्रंप की मोहलत खुद उनकी हांफती रणनीति का प्रतीक बन गई है. ईरान ने दिखा दिया कि वह आसानी से दबने वाला नहीं है।&nbsp;</p>
]]></content>
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<item>
<title><![CDATA[ S-400 का आधे दाम में उत्पादन, IAF ने दिया थोक में ऑर्डर, रूस रह गया हक्का-बक्का]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/the-s-400-was-produced-at-half-the-price-and-the-iaf-placed-a-bulk-order-leaving-russia-stunned-0001493174/</link>
<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:00:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[देश]]></category>
<featured><![CDATA[Yes]]></featured>
<description><![CDATA[बेंगलुरु&nbsp;

रूस का एस-400 दुनिया का एक सबसे बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम है. रूस के साथ चीन और भारत भी इस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/4A_94.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु&nbsp;</strong></p>

<p>रूस का एस-400 दुनिया का एक सबसे बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम है. रूस के साथ चीन और भारत भी इस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इसकी झांकी दिखाई थी. इसके बाद कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था. उसने सीज फायर की गुहार लगाई थी. एस-400 ने पाकिस्तान की सीमा से करीब 300 किमी भीतर जाकर उसके एक बड़े अवॉक्स सिस्टम को तबाह कर दिया था. खैर हम इस जंग की बात नहीं कर रहे है. हमारा आज का फोकस एस-400 है. भारत ने रूस से इस डिफेंस सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन खरीदे है. इसमें से तीन की डिलिवरी हो गई है. चौथे की डिलिवरी लेने एयरफोर्स की टीम रूस जा चुकी है. वहीं पांचवें स्क्वाड्रन की डिलिवरी भी इसी साल होने की उम्मीद है. भारत इसके अलावा एस-400 के ही पांच और स्क्वाड्रन खरीदे की योजना पर काम रहा है।&nbsp;</p>

<p>इस बीच भारत अपना देसी एस-400 बना रहा है. इसका नाम प्रोजेक्ट कुश है. इस डिफेंस सिस्टम को डीआरडीओ विकसित कर रहा है. यह कई मामलों में एस-400 से बेहतर सिस्टम है. इसको पूरी तरह भारतीय एयरफोर्स की जरूरत के हिसाब से डेवलप किया गया है. एयरफोर्स ने पहली बार में ही इस सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन के ऑर्डर दे दिए हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस सिस्टम की लागत एस-400 की तुलना में आधी से भी कम है. ऐसे में रूस के चेहरे पर हैरानी साफ नजर आ रही है. रूस के हथियार कारोबार के लिए एस-400 एक सबसे प्रीमियम हथियार है।&nbsp;</p>

<p><strong>प्रोजेक्ट कुश की खासियत<br />
एस-400 की तुलना में कुश न केवल</strong> लागत में कम है बल्कि यह राष्ट्रीय संप्रभुता, सॉफ्टवेयर स्वतंत्रता और लॉन्ग-टर्म मेंटेनेंस के मामले में भी कहीं बेहतर है. भारत ने 2018 में रूस से एस-400 के पांच स्क्वाड्रन की डील की थी. उस वक्त उसकी लागत करीब 5.45 अरब डॉलर यानी करीब 45 हजार करोड़ रुपये थी. वहीं प्रोजेक्ट कुश के पांच स्क्वाड्रन की कीमत सिर्फ 21,700 करोड़ रुपये है. यानी यह लागत आधी से भी कम है. यह बचत न केवल सिस्टम की खरीद पर हो रही बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली मिसाइलें भी काफी सस्ती हैं. यह कुश सिस्टम तीन लेयर वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों पर आधारित हैं. इसमें एम-1 मिसाइल की रेंज 150 किमी, एम-2 मिसाइल की रेंज 250 किमी और सबसे भारी एम-3 मिसाइल की रेंज 350 से 400 किमी के बीच है. इन मिसाइलों की कीमत 40 से 50 करोड़ के बीच है जबकि एस-400 की रूसी मिसाइलों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये हैं।&nbsp;</p>

<p><strong>क्यों सस्ता है ये सिस्टम</strong><br />
दरअसल, इन मिसाइलों का उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड कर रहा है, जबकि एडवांस मल्टी-फंक्शन कंट्रोल रडार का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) कर रहा है. ये दोनों कंपनियां डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर्स जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।&nbsp;</p>

<p><strong>पूर्ण सॉफ्टवेयर और टेक्टिकल स्वतंत्रता</strong><br />
रूसी सिस्टम एस-400 में सोर्स कोड लॉक रहता है. इनका उपयोग काफी हद तक विदेशी सप्लायर की मर्जी पर निर्भर करता है. कुश प्रोजेक्ट पूरी तरह स्वदेशी है. ऐसे में एयरफोर्स का मिशन अल्गोरिदम और कोर सॉफ्टवेयर पर पूरा नियंत्रण मिलता है. इससे किसी भी स्थिति में इसमें किल स्विच का खतरा नहीं रहता है. इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर दुश्मन नई स्टेल्थ टेक्नोलॉजी या इलेक्ट्रॉमिक वारफेयर का इस्तेमाल करता है तो भारत अपना रडार डिटेक्शन और ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट कर सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर चीन अपने पांचवीं पीढ़ी के जे-20 या जे-35 फाइटर जेट का इ्स्तेमाल करे तो ये डिफेंस सिस्टम तुरंत अपने रडार डिटेक्शन और ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट कर देंगे।&nbsp;</p>

<p><strong>लाइफ साइकल इकोनॉमी</strong><br />
इस मामले में भी कुश एस-400 से काफी आगे हैं. दरअसल, लाइफ साइकल इनोनॉमी का मतलब एक सिस्टम को उसकी पूरी उम्र तक ऑपरेट करने में आने वाला खर्च से है. एस-400 और कुश जैसे बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 25 से 30 सालों तक अपनी सेवा देते हैं. ऐसे में एस-400 जैसे विदेश प्लेटफॉर्म के मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और अपग्रेड में बहुत पैसे खर्च होंगे. ऐसे में कई भार पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरा सिस्टम ठप हो जाता है. वहीं कुश का पूरा मेंटेनेंस भारत में होगा. इस कारण कुश के ठप होने की संभावना न के बराबर है।&nbsp;</p>

<p>इसके अलावा कुश को इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के साथ सहजता से इंटीग्रेट किया जा सकता है. इसे नेटा अवाक्स, भविष्य के अवाक्स, तेजस मार्क-2 देसी फाइटर जेट और ग्राउंड रडार के साथ तुरंत डेटा शेयर किया जा सकेगा।&nbsp;</p>

<p><strong>प्रोजेक्ट कुश की रफ्तार</strong><br />
भारत ने प्रोजेक्ट कुश को बेहद तेज गति से विकास कर रहा है. इस साल के शुरू में इसके एम1 इंटरसेप्टर का फ्लाइट टेस्ट पूरा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक एम1, एम2 और एम3 वैरिएंट 2028 से 2030 के बीच सेना को सौंपे जाएंगे. अगर भारत के सिस्टम 100 फीसदी सफल हो जाते हैं तो यह मित्र देश रूस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. भारत का यह सिस्टम काफी सस्ता है. ऐसे में संभावना है कि कम बजट वाले मुल्कों के लिए भारत ने एक शानदार एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है।&nbsp;</p>
]]></content>
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<item>
<title><![CDATA[5 अप्रैल 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक, किसका होगा भाग्य साथ और कैसा रहेगा आज का दिन]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/horoscope-for-april-5-2026-from-aries-to-pisces-find-out-who-luck-favors-and-how-your-day-will-unfold-0001493252/</link>
<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 23:45:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[टीवी]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[मेष राशि
आज का दिन भागदौड़ वाला रह सकता है। काम एक साथ कई आ सकते हैं, जिससे थोड़ा दबाव महसूस होगा। ऑफिस में किसी बात को लेकर अचानक बदलाव हो...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/rashifal_1_11_129.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p><strong>मेष राशि</strong><br />
आज का दिन भागदौड़ वाला रह सकता है। काम एक साथ कई आ सकते हैं, जिससे थोड़ा दबाव महसूस होगा। ऑफिस में किसी बात को लेकर अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए पहले से प्लान बनाकर चलना ठीक रहेगा। पैसों के मामले में जल्दबाजी से बचें। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा, लेकिन छोटी बातों को लेकर बहस से बचना होगा। सेहत ठीक रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है।<br />
<strong>वृषभ राशि</strong></p>

<p>आज आपको काम में स्थिरता महसूस हो सकती है। जो काम पिछले कुछ समय से अटका हुआ था, उसमें धीरे-धीरे सुधार दिख सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संभली रहेगी। खर्च रहेगा, लेकिन कंट्रोल में रहेगा। परिवार का साथ मिलेगा और किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खानपान का ध्यान रखें।<br />
<strong>मिथुन राशि</strong><br />
आज आपका ध्यान एक जगह टिकाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। काम के बीच-बीच में ध्यान भटक सकता है। ऐसे में जरूरी काम पहले निपटाना बेहतर रहेगा। पैसों के मामले में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। रिश्तों में बात साफ रखने की जरूरत है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन नींद पूरी लेना जरूरी रहेगा।<br />
<strong>कर्क राशि</strong><br />
आज मन थोड़ा उलझा रह सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोच सकते हैं। कामकाज में सब ठीक रहेगा, लेकिन आपका ध्यान बार-बार बदल सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। पैसों के मामले में स्थिति सामान्य है। सेहत के लिहाज से मानसिक शांति जरूरी रहेगी।<br />
<strong>सिंह राशि</strong><br />
आज काम में देरी या रुकावट आ सकती है। जो चीजें जल्दी होनी चाहिए, उनमें समय लग सकता है। ऐसे में गुस्से से बचना जरूरी रहेगा। ऑफिस में किसी की बात को गलत समझने से बचें। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार में माहौल ठीक रहेगा। सेहत सामान्य है।<br />
<strong>तुला राशि</strong><br />
आज आपको काम में संतुलन बनाकर चलना होगा। ज्यादा जिम्मेदारियां एक साथ आ सकती हैं। किसी के साथ मिलकर काम करना पड़े तो बात साफ रखें। पैसों के मामले में दिन ठीक है। रिश्तों में समझदारी दिखानी होगी। सेहत के लिहाज से दिन सामान्य है।<br />
<strong>धनु राशि</strong><br />
आज दिन व्यस्त रह सकता है। काम ज्यादा रहेगा और समय कम लगेगा। ऐसे में प्राथमिकता तय करना जरूरी रहेगा। ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक है। परिवार में सहयोग मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें, खासकर थकान से बचें।<br />
<strong>मकर राशि</strong><br />
आज आप चीजों को गहराई से समझने की कोशिश करेंगे। हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचेंगे। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन आप ज्यादा सोच सकते हैं। पैसों के मामले में सावधानी रखें। रिश्तों में दूरी न आने दें। सेहत ठीक है, लेकिन दिमाग को आराम देना जरूरी रहेगा।<br />
<strong>कुंभ राशि</strong><br />
आज घर और काम दोनों जगह संतुलन बनाना जरूरी रहेगा। किसी एक चीज पर ज्यादा ध्यान देने से दूसरी चीज प्रभावित हो सकती है। पैसों के मामले में दिन सामान्य है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। सेहत ठीक रहेगी।<br />
<strong>कन्या राशि</strong><br />
आज आपको सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। जल्दी में लिया गया फैसला बाद में बदलना पड़ सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति होगी। पैसों के मामले में स्थिति ठीक है, लेकिन खर्च पर नजर रखें। रिश्तों में बात साफ रखना जरूरी रहेगा। सेहत सामान्य है।<br />
<strong>वृश्चिक राशि</strong><br />
आज पैसों के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए प्लान बनाकर चलें। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी। ऑफिस में किसी बात को लेकर दोबारा सोचने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार में माहौल ठीक रहेगा। सेहत ठीक है।<br />
<strong>मीन राशि</strong><br />
आज आप थोड़ा अंदर की तरफ रह सकते हैं। ज्यादा बोलने के बजाय सोचने का मन करेगा। कामकाज में जल्दीबाजी से बचना बेहतर रहेगा। पैसों के मामले में कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं। रिश्तों में समय देने की जरूरत है। सेहत के लिहाज से आराम करना जरूरी रहेगा।</p>
]]></content>
<guid>https://ujjwalpradesh.in/news/horoscope-for-april-5-2026-from-aries-to-pisces-find-out-who-luck-favors-and-how-your-day-will-unfold-0001493252/</guid>
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<item>
<title><![CDATA[वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि : ऊर्जा मंत्री  तोमर]]></title>
<link>https://ujjwalpradesh.in/news/significant-increase-in-mp-transcos-transformation-capacity-in-financial-year-2025-26-energy-minister-tomar-0001493313/</link>
<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 22:50:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[धर्म ज्योतिष]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[भोपाल 

ऊर्जा मंत्री &nbsp;प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अपनी स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/Tomar_02-1.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p style="text-align:justify"><span style="font-size:12pt"><span style="font-family:&quot;Times New Roman&quot;,&quot;serif&quot;"><strong><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">भोपाल </span></strong></span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ऊर्जा मंत्री &nbsp;प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अपनी स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत में जहां कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता 81911 एमवीए थी</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">वहीं मार्च 2026 की स्थिति में यह बढ़कर 84293 एमवीए हो गई है। यह वृद्धि प्रदेश की बढ़ती विद्युत मांग को सुचारु रूप से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</span></span> </span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में क्षमता विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको द्वारा कुल 35 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">जिनमें 11 सब-स्टेशनों की क्षमता वृद्धि तथा 21 सब-स्टेशनों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना शामिल है। मंत्री &nbsp;तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है।</span></span> </span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><strong><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ट्रांसमिशन लाइनें हुईं 43 हजार सर्किट किलोमीटर से अधिक</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ऊर्जा मंत्री &nbsp;तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने इस वित्तीय वर्ष में 138 सर्किट किलोमीटर नई एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का निर्माण कर उन्हें ऊर्जीकृत किया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की कुल ट्रांसमिशन लाइनें बढ़कर 43128 सर्किट किलोमीटर हो गई हैं।</span></span> </span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><strong><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़कर हुई 1046</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">वर्तमान में मध्यप्रदेश में एमपी ट्रांसको अपने 417 सब-स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">जिनमें 400 केवी के 14</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सब-स्टेशन शामिल हैं। 31 मार्च 2026 की स्थिति में एमपी ट्रांसको में कुल क्रियाशील पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़कर 1046 हो गई है। इनमें 400 केवी स्तर के 40</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">220 केवी के 218 तथा 132 केवी स्तर के 788 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।</span></span> </span></span></p>

<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
]]></content>
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<title><![CDATA[जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सूरज कुण्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाने की चली मुहिम ]]></title>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 22:45:00 GMT</pubDate>
<category><![CDATA[धर्म ज्योतिष]]></category>
<featured><![CDATA[No]]></featured>
<description><![CDATA[भोपाल 

जल संरक्षण व संवर्धन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार सम्पूर्ण प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं को संरक्षित करने एवं संवारने...]]></description>
<img><![CDATA[https://ujjwalpradesh.in/uploads/news/202604/Jal_01.jpg]]></img>
<content><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong><span style="font-size:12pt"><span style="font-family:&quot;Times New Roman&quot;,&quot;serif&quot;"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">भोपाल </span></span></span></strong></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">जल संरक्षण व संवर्धन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार सम्पूर्ण प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं को संरक्षित करने एवं संवारने का कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर दुर्ग पर स्थित ऐतिहासिक सूरज कुण्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री &nbsp;प्रद्युम्न सिंह तोमर के नेतृत्व में शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों और नागरिकों ने सूरज कुण्ड की सफाई का कार्य विशेष अभियान चलाकर किया। </span></span></span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ऊर्जा मंत्री &nbsp;तोमर के नेतृत्व में सूरज कुण्ड की काई को साफ करने के लिये सभी लोगों ने मिल-जुलकर प्रयास किए। नगर निगम आयुक्त &nbsp;संघ प्रिय के नेतृत्व में निगम का अमला मय संसाधनों के विशेष सफाई अभियान में लगा रहा। </span></span></span></span></p>

<p style="text-align:justify"><span style="font-size:11pt"><span style="font-family:&quot;Calibri&quot;,&quot;sans-serif&quot;"><span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">ऊर्जा मंत्री &nbsp;तोमर ने सभी से आग्रह किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पूर्ण जिले में जल संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन का कार्य सभी के सहयोग से हाथ में लिया जाए। बरसात का पानी अधिक से अधिक संग्रहीत हो</span></span>, <span style="font-size:10.0pt"><span style="font-family:&quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;">इसके लिये शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में सार्थक प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण का कार्य केवल सरकार के भरोसे ही नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए। </span></span></span></span></p>

<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
]]></content>
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